कोहि छेउ कोहि मन भित्रै बसे आज।
कयौं बिम्ब सुटुक्क आँखैमा पसे आज।
कसरि भनुँ बाबै सत्य कुरा पब्लिकमा,
कति मदहोस भइ काखैमा खसे आज ||
♥ सबित्रा
कयौं बिम्ब सुटुक्क आँखैमा पसे आज।
कसरि भनुँ बाबै सत्य कुरा पब्लिकमा,
कति मदहोस भइ काखैमा खसे आज ||
♥ सबित्रा
Post A Comment:
0 comments: